शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवत्सल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों से वात्सल्य प्रेम करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
एकाकीपन का नाश व ईश्वरीय सान्निध्य
विस्तृत लाभ
एकाकीपन का नाश व ईश्वरीय सान्निध्य।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कलाधारायै नमः
ॐ शुचये नमः
ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
अहं सुवे पितरमस्य मूर्धन् मम योनिरप्स्वन्तः समुद्रे। ततो वि तिष्ठे भुवनानु विश्वोतामूं द्यां वर्ष्मणोप स्पृशामि॥