शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवाम-मार्ग रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वाम मार्गी तंत्र और शिव को प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति। साब्रवीत्- अहं ब्रह्मस्वरूपिणी। मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत्। शून्यं चाशून्यं च॥
ॐ मायायै नमः
ॐ भूतादये नमः
ॐ खट्वाङ्गिने नमः
ॐ विभूत्यै नमः
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा दक्षिणे मां सदाऽवतु। (अर्थ: ज्ञानियों की माता दक्षिण दिशा में रक्षा करें) 8