शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ भूतभव्यभवत्प्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समय और मृत्यु के भय से मुक्ति
विस्तृत लाभ
समय और मृत्यु के भय से मुक्ति 22
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ॐ स्वधायै नमः
ॐ त्रिलोकात्मने नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
अक्षमालां कुठारं च रत्नपात्रं स्वदन्तकम् । धत्ते करैर्विघ्नराजो ढुण्ढिनाम मुदेऽस्तु नः ॥
ॐ अनादये नमः