शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ द्विरूपभृते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनर-सिंह रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो एक साथ नर (मनुष्य) और सिंह का दोहरा रूप धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
द्वैत (संसार) और अद्वैत (ब्रह्म) के रहस्यमय दर्शन और ज्ञान की समझ
विस्तृत लाभ
द्वैत (संसार) और अद्वैत (ब्रह्म) के रहस्यमय दर्शन और ज्ञान की समझ।
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