ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान जंजीरा (भूत-प्रेत नाशक अमोघ अस्त्र)

ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी‍ का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भू‍त, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारशाबर जंजीरा (बंधन) मंत्र
स्वरूपबालक / पहलवान हनुमान
लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शरीर की रक्षा (घट पिंड की रक्षा), ऊपरी बाधाओं, डाकिनी-शाकिनी को तुरंत कीलित (Lock) करना और भयंकर तंत्र-बाधा का नाश

विस्तृत लाभ

शरीर की रक्षा (घट पिंड की रक्षा), ऊपरी बाधाओं, डाकिनी-शाकिनी को तुरंत कीलित (Lock) करना और भयंकर तंत्र-बाधा का नाश 20।

जप काल

ग्रहण काल, होली या दीपावली की रात्रि में गुरु-निर्देशन में सिद्ध करना। आपातकाल में रोगी पर जल छिड़कते हुए पाठ 20।

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