शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ गोवर्धनवरप्रदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगोवर्धन-नाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गोवर्धन पर्वत को वरदान देने वाले (गिरिधारी) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पर्वत/यात्रा में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
पर्वत/यात्रा में सुरक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।
ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः
ॐ यज्ञमयाय नमः
ॐ यतये नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।