शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ गोविन्दाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपगोविन्द
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इन्द्रियों, गायों और पृथ्वी को आनन्द देने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पशु-धन एवं कृषि लाभ
विस्तृत लाभ
पशु-धन एवं कृषि लाभ
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महामात्रे नमः
ॐ करञ्ज नरसिंहाय नमः
ॐ महाशक्तये नमः
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
ॐ परमपुरुषाय नमः