शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वासुदेवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वसुदेव के पुत्र एवं सर्वव्यापी परब्रह्म को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तत्त्व-ज्ञान प्राप्ति
विस्तृत लाभ
तत्त्व-ज्ञान प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
ॐ पूतात्मने नमः
भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि। तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥