शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ हृषीकेशाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इंद्रियों के (हृषीक) के स्वामी (ईश)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काम, क्रोध आदि वासनाओं पर पूर्ण नियंत्रण
विस्तृत लाभ
काम, क्रोध आदि वासनाओं पर पूर्ण नियंत्रण 21
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ॐ अशोकायै नमः
कर्दमेन प्रजाभूता मयि सम्भव कर्दम। श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम्॥
ॐ परंज्योतिषे नमः
ॐ ऐं भ्रीं हनुमते, श्री राम दूताय नमः॥
ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥