शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना
विस्तृत लाभ
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना।
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ॐ वृषाङ्काय नमः
ॐ कृशोदर्यै नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
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ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भगवान्विष्णुः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ हनूमते नमः