शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ महाज्वालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्वाला नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं अत्यंत दीप्तिमान महाज्वाला हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शरीर के भीतर छिपे जटिल रोगों, संक्रमणों और जीवाणुओं का नाश
विस्तृत लाभ
शरीर के भीतर छिपे जटिल रोगों, संक्रमणों और जीवाणुओं का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णाव्यसनकर्शकाय नमः
ॐ चञ्चलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्ज्वलाय नमः
ॐ शिवाय नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
ॐ गुडाकेशाय नमः