शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ नारायणमनोहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपविष्णु-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री नारायण के मन को हरने वाले भानजे को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ
विस्तृत लाभ
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र