ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गणेश मंत्र

ॐ पितृस्तुताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपस्तुत्य-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जन्म-काल में ही पिता द्वारा जिनकी स्तुति की गई, उन्हें नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सम्मान और प्रतिष्ठा हेतु

विस्तृत लाभ

सम्मान और प्रतिष्ठा हेतु

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