शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम ज्ञानी भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीक्ष्ण बुद्धि और विद्या में श्रेष्ठता
विस्तृत लाभ
तीक्ष्ण बुद्धि और विद्या में श्रेष्ठता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ यमस्तुत्यायै नमः
ॐ धर्माध्यक्षाय नमः
ॐ पीतवाससे नमः
ॐ शिशुपालशिरश्छेत्त्रे नमः