शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ऋत-सत्य मंत्र
ऋतं वच्मि ॥ सत्यं वच्मि ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसंकल्प मंत्र
स्वरूपगणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं शाश्वत ब्रह्मांडीय नियम (ऋत) बोलता हूँ, मैं सत्य बोलता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाणी में सत्य की सिद्धि और वाक् सिद्धि
विस्तृत लाभ
वाणी में सत्य की सिद्धि और वाक् सिद्धि।
जप काल
कोई भी कठोर अनुष्ठान या संकल्प लेते समय।
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