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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भार्गव कवच (सभा-विजय एवं वाक्-सिद्धि)

सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपज्ञान-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

...वह व्यक्ति सभाओं में बोलने वालों में सबसे श्रेष्ठ और राजाओं का प्रिय हो जाता है। उसे वैदिक, तांत्रिक और मान्त्रिक—तीनों प्रकार का उत्तम ज्ञान स्वतः प्राप्त हो जाता है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

उत्कृष्ट वाक्-सिद्धि, सभा में सम्मान, और अधिकारियों (राजाओं) का परम प्रिय होना

विस्तृत लाभ

उत्कृष्ट वाक्-सिद्धि, सभा में सम्मान, और अधिकारियों (राजाओं) का परम प्रिय होना।

जप काल

वाद-विवाद, न्यायालय या साक्षात्कार से पूर्व।

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