शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसच्चिदानंद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर पांच भौतिक तत्त्वों से नहीं, अपितु सत्, चित् और आनंद से बना है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के प्रत्येक क्षण में परमानंद की अनुभूति
02
दुखों का आत्यंतिक अभाव
विस्तृत लाभ
जीवन के प्रत्येक क्षण में परमानंद की अनुभूति; दुखों का आत्यंतिक अभाव।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा। बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति॥
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
ॐ मोरेश्वराय नमः (अथवा ॐ मयूरेश्वराय नमः)
गाङ्गेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रौञ्चारिश्च षडाननः ॥
ॐ रुक्मिण्यै नमः