शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ सर्वकर्तृकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त कार्यों के वास्तविक कर्ता हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
"मैं कर्ता हूँ" इस अहंकार से मुक्ति
02
कर्मों के सुचारू संपादन हेतु
विस्तृत लाभ
"मैं कर्ता हूँ" इस अहंकार से मुक्ति; कर्मों के सुचारू संपादन हेतु।
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ॐ भालचन्द्राय हुं
ॐ विश्वामित्रायै नमः
आत्मनः शक्तिमुद्वीक्ष्य मानोत्साहौ तु यो व्रजेत्। शत्रूनेकोऽपि हन्याच्च क्षत्रियान् भार्गवो यथा॥
ॐ महाकाल्यै नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥