शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
एकादशाक्षर सिद्ध लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रीं, ह्रीं, क्लीं बीजों से युक्त देवी सिद्ध लक्ष्मी को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग
विस्तृत लाभ
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग।
जप काल
मंगलवार की रात्रि में लाल वस्त्र धारण कर 25।
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ॐ मुण्डविभूषिताय नमः।
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्व कपि मुखे। सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥
ॐ मायायै नमः