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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शुक्लवर्ण ध्यान मंत्र

शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारध्यान मंत्र
स्वरूपचतुर्भुज गणपति
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जिन्होंने श्वेत वस्त्र धारण किए हैं, जिनका वर्ण चंद्रमा के समान है, जो चार भुजाओं वाले हैं और जिनका मुख प्रसन्न है, ऐसे देव का मैं विघ्नों की शांति के लिए ध्यान करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

मानसिक शांति, अज्ञानता का शमन और संकटों से मुक्ति

विस्तृत लाभ

मानसिक शांति, अज्ञानता का शमन और संकटों से मुक्ति।

जप काल

दैनिक पूजा से पूर्व इष्ट देवता के ध्यानार्थ।

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शुक्लवर्ण ध्यान मंत्र | Pauranik