शुक्लवर्ण ध्यान मंत्र
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने श्वेत वस्त्र धारण किए हैं, जिनका वर्ण चंद्रमा के समान है, जो चार भुजाओं वाले हैं और जिनका मुख प्रसन्न है, ऐसे देव का मैं विघ्नों की शांति के लिए ध्यान करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक शांति, अज्ञानता का शमन और संकटों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
मानसिक शांति, अज्ञानता का शमन और संकटों से मुक्ति।
जप काल
दैनिक पूजा से पूर्व इष्ट देवता के ध्यानार्थ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अशोकायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्माण्डातीतपरमपुरुषः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ तुलसीदामभूषणाय नमः
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥