शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ त्रिवर्णाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपत्रिदेव स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) स्वरूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सृष्टि, स्थिति और लय के रहस्यों का ज्ञान
विस्तृत लाभ
सृष्टि, स्थिति और लय के रहस्यों का ज्ञान।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ निरञ्जनायै नमः
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥
ॐ गोवर्धनवरप्रदाय नमः
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ द्युतिमते नमः