शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
देव-स्वरूप मंत्र
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसर्व-देवता स्वरूप मंत्र
स्वरूपपरब्रह्म विनायक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
आप ही ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, इंद्र, अग्नि, वायु, सूर्य और चंद्रमा हैं। आप ही भूर्भुवः स्वः रूप परब्रह्म हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी देवताओं की समेकित कृपा एक ही आराधना से प्राप्त करना
विस्तृत लाभ
सभी देवताओं की समेकित कृपा एक ही आराधना से प्राप्त करना।
जप काल
देव-पूजन के समय या सर्व-देव स्तुति के लिए।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र