ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गणेश मंत्र

वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारऋत-सत्य वाक् मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

आप मेरे लिए वेद के आधार बनें। मेरा सुना हुआ ज्ञान नष्ट न हो, इसके द्वारा मैं दिन-रात को जोड़ दूँ, मैं ऋत (सत्य) बोलूँगा।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वेदों का ज्ञान और सत्य बोलने की अपार शक्ति

विस्तृत लाभ

वेदों का ज्ञान और सत्य बोलने की अपार शक्ति।

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