शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वेदवेद्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद-वेद्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें केवल वेदों के माध्यम से जाना जा सकता है, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों तक पहुंच
विस्तृत लाभ
शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों तक पहुंच।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिमूर्तये नमः
ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ गदाग्रजाय नमः
ॐ कुमारगुरुवन्द्याय नमः
या या मनसि वै यस्य विभूतिः प्रतिभाति च। तां तां ददाति तस्याशु धनधान्यगवादिकाम्॥