ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गणेश मंत्र

यदा तमस्तन्न दिवा न रात्रिर्न सन्नचासच्छिव एव केवलः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जब कोई अंधकार नहीं था, न दिन था न रात, न सत् था न असत्, तब केवल एक 'शिव' ही थे

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