शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ अग्नाविष्णू सजोषसेमा वर्धन्तु वां गिरः। द्युम्नैर्वाजेभिरागतम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
टिप्पणी
हे अग्नि और विष्णु! आप दोनों प्रसन्न होकर मेरे वचनों को पुष्ट करें
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र