शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ आहूताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआहुत देव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवों द्वारा आहुत (बुलाए गए) भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रार्थनाओं की त्वरित स्वीकृति
विस्तृत लाभ
प्रार्थनाओं की त्वरित स्वीकृति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
ॐ कृपापारायै नमः
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
ॐ विश्वशक्त्यै नमः
तव करकमलवरे नखमद्भुतशृंगं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृंगम्। केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।