ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

हनुमान मंत्र

बजरंगबली, मारुति

210 मंत्र

हनुमान जंजीरा (भूत-प्रेत नाशक अमोघ अस्त्र)

ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी‍ का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भू‍त, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।

मंत्र

ॐ काञ्चनाभाय नमः

मंत्र

ॐ दीनबन्धवे नमः

सर्व-अरिष्ट नाशक अष्टक मंत्र

को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥

मंत्र

ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः

मंत्र

ॐ कालनेमिप्रमथनाय नमः

हनुमान भूत-प्रेत उच्चाटन शाबर मंत्र

ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।

मंत्र

ॐ सञ्जीवननगाहर्त्रे नमः

मंत्र

ॐ श्रीमते नमः

मंत्र

ॐ रामसुग्रीवसन्धात्रे नमः

विवेक एवं उचित निर्णय क्षमता मंत्र

आवत हियँ हरषीं नहिं नैनन्हि नहिं सनेह। तुलसी तहाँ न जाइये कंचन बरसे मेह॥

मंत्र

ॐ सुरार्चिताय नमः

मंत्र

ॐ प्रसन्नात्मने नमः

श्री हनुमद् बडवानल अस्त्र मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।

मंत्र

ॐ योगिने नमः

शत्रु-स्तंभन (बजर का कोठा) मंत्र

ॐ नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा। ईश्वर कुंजी ब्रह्मा का ताला, मेरे आठों धाम का यती हनुमंत रखवाला।

मंत्र

ॐ शुचये नमः

मारुति सुरक्षा शाबर (पीर-पैगंबर संपुटित)

ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

मंत्र

ॐ दान्ताय नमः

मंत्र

ॐ महातपसे नमः

मंत्र

ॐ वागधीशाय नमः

मंत्र

ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः

मंत्र

ॐ स्फटिकाभाय नमः

मंत्र

ॐ शूराय नमः

मंत्र

ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः

कार्य-सिद्धि महामंत्र (रामचरितमानस संपुट)

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

मंत्र

ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः

मंत्र

ॐ शतकान्ठमदापहर्त्रे नमः

भूत-प्रेत एवं अज्ञान नाशक मंत्र

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥

मंत्र

ॐ रामकथालोलाय नमः

वात-रोग एवं बाहु-पीड़ा नाशक मंत्र (हनुमान बाहुक)

सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु। भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु॥

मंत्र

ॐ शान्ताय नमः

स्वास्थ्य एवं व्याधि निवारण मंत्र (हनुमान चालीसा संपुट)

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

मंत्र

ॐ सीतान्वेषणपण्डिताय नमः

हनुमान रक्षा (कड़ा) शाबर मंत्र

ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

मंत्र

ॐ दृढव्रताय नमः

सर्व-कार्य सिद्धि शाबर मंत्र

पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।

मंत्र

ॐ हरिमर्कटमर्कटाय नमः

शत्रु-दमन उलटा तांत्रिक मंत्र

पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।

मंत्र

ॐ वाग्मिने नमः

मंत्र

ॐ अक्षहन्त्रे नमः

मंत्र

ॐ इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्रविनिवारकाय नमः

मंत्र

ॐ पञ्चवक्त्राय नमः

मंत्र

ॐ चतुर्बाहवे नमः

मंत्र

ॐ लङ्किनीभञ्जनाय नमः

मंत्र

ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः

मंत्र

ॐ सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः

मंत्र

ॐ महारावणमर्धनाय नमः

मंत्र

ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः

मंत्र

ॐ महात्मने नमः

मंत्र

ॐ धीराय नमः

मंत्र

ॐ वार्धौमैनाकपूजिताय नमः

मंत्र

ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः

मंत्र

ॐ कबलीकृतमार्तण्डमण्डलाय नमः

मंत्र

ॐ रुद्रावीर्यसमुद्भवाय नमः

मंत्र

ॐ शरपञ्जरभेदकाय नमः

मंत्र

ॐ भक्तवत्सलाय नमः

मंत्र

ॐ विजितेन्द्रियाय नमः

मंत्र

ॐ कामरूपिणे नमः

मंत्र

ॐ महातेजसे नमः