शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपर्वत-निवासी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गंधमादन पर्वत (कलियुग में उनका निवास स्थान) पर निवास करने वाले।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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