शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपत्रिनेत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य, चंद्र और अग्नि जिनके तीन नेत्र हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
त्रिकाल दृष्टि
विस्तृत लाभ
त्रिकाल दृष्टि
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ राजेन्द्राय नमः
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ नन्दिने नमः
ॐ कबन्धगृहमध्यस्थायै नमः
ॐ दुर्गमच्छेदिन्यै नमः