शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सर्व-कार्य सिद्धि शाबर मंत्र
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकार्य-सिद्धि / हाँक शाबर मंत्र
स्वरूपलांगुरिया (वानर) हनुमान
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असंभव कार्यों को संभव बनाने और रुके हुए सरकारी या व्यक्तिगत कार्यों को गति देने के लिए
विस्तृत लाभ
असंभव कार्यों को संभव बनाने और रुके हुए सरकारी या व्यक्तिगत कार्यों को गति देने के लिए 47।
जप काल
शुक्ल-पक्ष के सोमवार या मङ्गलवार से प्रारम्भ कर नित्य 108 बार 47।
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