स्वास्थ्य एवं व्याधि निवारण मंत्र (हनुमान चालीसा संपुट)
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
वीर हनुमान जी का निरंतर नाम जप करने से सभी प्रकार के रोग नष्ट हो जाते हैं और सारी पीड़ाएं हर ली जाती हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
शारीरिक रोगों, जीर्ण व्याधियों (Chronic illnesses) और मानसिक वेदना का त्वरित शमन
विस्तृत लाभ
शारीरिक रोगों, जीर्ण व्याधियों (Chronic illnesses) और मानसिक वेदना का त्वरित शमन 39।
जप काल
अस्वस्थता की स्थिति में जल के पात्र को सामने रखकर 108 बार अभिमंत्रित कर वह जल रोगी को पिलाना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
असौ योऽवसर्पति नीलग्रीवो विलोहितः। उतैनं गोपा अदृशन्नदृशन्नुदहार्यः। उतैनं विश्वा भूतानि स दृष्टो मृडयाति नः॥
ॐ क्षमायै नमः
ॐ धूम्रवर्णाय हुं
ॐ गोपीगृहाङ्गणरतये नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये पञ्चाग्निः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।