शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपव्याकरण-ज्ञाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नौ प्रकार के व्याकरणों के प्रकांड विद्वान (सूर्य के शिष्य) भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र