शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ भारत्यीप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसरस्वती-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सरस्वती (भारती) के प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उच्च शिक्षा, अनुसंधान (Research) और साहित्य में सफलता
विस्तृत लाभ
उच्च शिक्षा, अनुसंधान (Research) और साहित्य में सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ द्वैमातुराय नमः
ॐ डिम्भाय नमः।
ॐ परस्मै नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ जगद्व्यापिने नमः