ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

ॐ राक्षसामरगन्धर्वकोटिकोट्यभिवन्दिताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपत्रिलोक-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

राक्षसों, देवों और गंधर्वों द्वारा वंदित देव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विविध पृष्ठभूमियों के लोगों का सहयोग

विस्तृत लाभ

विविध पृष्ठभूमियों के लोगों का सहयोग।

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