शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ राज्यप्रदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपराज्य-प्रदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राज्य और प्रभुत्व प्रदान करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
छिने हुए अधिकार या संपत्ति की पुनर्प्राप्ति
विस्तृत लाभ
छिने हुए अधिकार या संपत्ति की पुनर्प्राप्ति।
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मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ षडाधाराय नमः।
ॐ माधव्यै नमः
ॐ कस्तूरीतिलकोज्ज्वलायै नमः
ॐ शार्ङ्गिण्यै नमः
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥