शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ कबलीकृतमार्तण्डमण्डलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपसूर्य-ग्रसक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बचपन में सूर्यमंडल को मीठा फल समझकर निगल जाने वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र