ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

ॐ भक्तवत्सलाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

स्वरूपभक्त-वत्सल
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

अपने भक्तों से पुत्रवत अगाध प्रेम करने वाले भगवान को नमन।

जप काल

नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र