शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ऊर्ध्व मुख (हयग्रीव) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्व मुखे। हयग्रीवाय सकल जन वशीकरणाय स्वाहा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपंचमुखी साधना मंत्र (ऊर्ध्व मुख)
स्वरूपपंचमुखी हनुमान (हयग्रीव मुख)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
आकाश की ओर देखने वाले हयग्रीव स्वरूप को नमस्कार है, जो सभी जनों को साधक के अनुकूल (वशीभूत) करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उच्च ज्ञान की प्राप्ति, वाक्-सिद्धि, संपूर्ण जनों का सकारात्मक वशीकरण (Goodwill) और उत्तम संतति की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
उच्च ज्ञान की प्राप्ति, वाक्-सिद्धि, संपूर्ण जनों का सकारात्मक वशीकरण (Goodwill) और उत्तम संतति की प्राप्ति 10।
जप काल
आकाश (ऊपर) की ओर ध्यान करते हुए।
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