शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचूड़ामणि-प्रदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लौटकर श्री राम जी को माता सीता की चूड़ामणि प्रदान करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं महा कालिकायै नमः
वागीशा यस्य वदने लक्ष्मीर्यस्य च वक्षसि। यस्यास्ते हृदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे॥
नीलकण्ठोऽवतु ग्रीवां पिनाकपाणिर्बाहुकौ
ॐ अक्षराय नमः
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमपुरुषः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः