ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

ॐ विजितेन्द्रियाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपजितेन्द्रिय
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

अपनी समस्त इंद्रियों (काम, क्रोध, लोभ आदि) पर पूर्ण विजय प्राप्त करने वाले।

जप काल

नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।

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