कार्य-सिद्धि महामंत्र (रामचरितमानस संपुट)
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
अयोध्या (कोसलपुर) के राजा श्री राम को अपने हृदय में धारण करके नगर में प्रवेश करें और अपने सभी कार्य संपन्न करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
नवीन व्यापार का आरंभ, गृह-प्रवेश, साक्षात्कार (Interview) या किसी नए नगर में प्रवेश करते समय निर्विघ्न सफलता प्राप्त होती है
विस्तृत लाभ
नवीन व्यापार का आरंभ, गृह-प्रवेश, साक्षात्कार (Interview) या किसी नए नगर में प्रवेश करते समय निर्विघ्न सफलता प्राप्त होती है 19।
जप काल
घर से निकलते समय 7 बार उच्चारण।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूतभावनाय नमः
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
ॐ अकलङ्किण्यै नमः
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
ॐ सँ कम् रम् सँ रम् हुं फट् सहस्रार हुं फट्