ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

ॐ स्फटिकाभाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपस्फटिक-आभा
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

स्फटिक मणि के समान निर्मल, पारदर्शी और श्वेत आभा वाले भगवान को नमन।

जप काल

नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।

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