शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका स्वरूप अनिर्वचनीय (जिसके बारे में बताया न जा सके) है
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मोह-माया से मुक्ति
विस्तृत लाभ
मोह-माया से मुक्ति 77
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
ॐ कामिनीवशकृद्वशिने नमः।
ॐ शतकोट्यखिलाण्डादिमहाब्रह्माण्डनायकाय नमः
ॐ कालानलसमद्युत्यै नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ कृष्णभक्तिपरायणायै नमः