शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ भगवते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो षड-ऐश्वर्य (ज्ञान, बल, यश, वीर्य, श्री, वैराग्य) से परिपूर्ण भगवान हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
ॐ कपालदुर्गकारिण्यै नमः
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...
ॐ इष्टमन्त्रस्वरूपिण्यै नमः