शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ भर्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पापों को भून डालने वाले तेज़ (प्रकाश) स्वरूप।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नारसिंहः प्रचोदयात्॥
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...
ॐ वृन्दावनान्तसञ्चारिणे नमः