शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ चतुर्भुजायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चार भुजाओं वाली (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्रदायिनी) देवी को नमन 16।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विद्या तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ वानीगीतश्रवणकौतुकाय नमः
ॐ वाण्यै नमः