शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चार अभिव्यक्तियों (वासुदेव आदि) के स्वामी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ कारणार्चनहर्षितायै नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नः षण्मुखः प्रचोदयात्
ॐ स्थाणवे नमः
ॐ अपरायै नमः
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।