हनुमान मंत्र
दन्त कल्पलता पाश रत्नकुम्भ कुसोज्ज्वलम् । बन्धूक कमनीयाभं ध्यायेत् क्षिप्र गणाधिपम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
शीघ्र प्रसन्न होकर त्वरित वरदान देना
विस्तृत लाभ
शीघ्र प्रसन्न होकर त्वरित वरदान देना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः
ॐ हर्त्रे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ओङ्कारः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ भूतादये नमः