सौभाग्य एवं आरोग्य प्रदाता मंत्र
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे देवी! मुझे सौभाग्य और आरोग्य दें, परम सुख दें। मुझे रूप (सौंदर्य) दें, जय दें, यश दें और मेरे शत्रुओं का नाश करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
सौंदर्य, विजय, यश, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सौंदर्य, विजय, यश, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति 31।
जप काल
प्रतिदिन स्नानोपरांत तुलसी या चंदन की माला से 108 बार।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सागरोत्तारकाय नमः
ॐ उन्मत्ताय नमः
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सूर्यः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ जनार्दनाय नमः